लखनऊ: गांधी जयंती के मौके पर उत्तर प्रदेश के 341 गांवों के प्रत्येक घर में नल से पेयजल आपूर्ति शुरू की जाएगी। इससे ग्रामीणों को प्रदूषित पानी की समस्या से राहत मिलने के साथ ही पानी के लिए घर से बाहर जाने की जरूरत भी कम होगी। प्रदेश में फिलहाल 38,281 गांवों के हर घर तक नल से पानी पहुंच रहा है, जबकि 28,385 गांवों में यह काम अंतिम चरण में है।
गांधी जयंती पर 341 गांवों में शुरू होगी जलापूर्ति
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता और ग्राम स्वराज को प्राथमिकता दी थी। इसी भावना के अनुरूप इस बार गांधी जयंती पर 341 गांवों में नल से पेयजल आपूर्ति की शुरुआत की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। घर में पानी की सुविधा मिलने से महिलाओं और बेटियों का समय और श्रम बचेगा। इसके साथ ही बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
नियमित और गुणवत्तापूर्ण पानी पर जोर
जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार ने कहा कि पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव के साथ नियमित और गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इसके लिए गांव जल एवं स्वच्छता समितियों के साथ ग्रामीणों की भागीदारी को भी बढ़ाया जाएगा।
क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की होगी मरम्मत
पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और पुनर्स्थापना के लिए प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत ऐसी सड़कों को चिह्नित कर उनकी मरम्मत कराई जा रही है।
यदि किसी गांव में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई है तो ग्रामीण जल सारथी ऐप के माध्यम से सड़क की फोटो और वीडियो अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
